नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी (National Capital) में 8 फरवरी के विधानसभा चुनावों के लिए जैसे-जैसे चुनाव प्रचार अपने चरम पर पहुंच रहा है, राजनीतिक लड़ाई को बयान करने वाली बातें रोलरकोस्टर की सवारी कर रही हैं
. ऐसे में दिल्ली के शाहीन बाग में सीएए और एनआरसी के खिलाफ चल रहे प्रोटेस्ट को भी राजनीतिक मुद्दे के साथ जोड़ा जाने लगा है. जहां एक तरफ मीडिया से लेकर देश की राजनीति में शाहीन बाग की चर्चा है वहीं हिन्दू सेना ने ऐलान कर दिया है कि वो लोग मिलकर 2 फरवरी को शाहीन बाग को खाली करवाएंगे. हिन्दू सेना ने एक प्रेस रिलीज जारी कर शाहीन बाग को विरोधियों का अड्डा बताया है साथ ही उन्होंने कहा कि वहां मौजूद लोग पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं.
हिन्दू सेना की तरफ से जारी की गई प्रेस रिलीज में लिखा है, 'सीएए के बहाने शाहीन बाग रोड जाम कर लाखों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, शाहीन बाग देश विरोधियों का अड्डा बन चुका है. ये धरना पीएफआई के ऑफिस के नीचे चल रहा है और पीएफआई का नाम देश में हिंसा फैलाने में भी सामने आया है. यह संगठन आतंकी संगठन सिमी का दूसरा रूप है.'
शाहीन बाग में शामिल होने वाले लोग
इसके अलावा जारी की गई प्रेस रिलीज में लिखा है कि शाहीन बाग में शामिल होने वाले लोग पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं. भारत को तोड़ने की बात करते हैं और हिंदुओं के खिलाफ जहरीले भाषण दिए जा रहे हैं. हिंदू सेना सभी राष्ट्रवादी संगठनों व आसपास के गांववासियों से अपील करती है कि सभी 2 फरवरी 2020 को 11 बजे शाहीन बाग रेड लाइट सरिता विहार पहुंच कर जिहादियों से रोड खाली कराएं.'
धरना खत्म कर लेने की मांग
बता दें कि शाहीन बाग में महिलाएं और बच्चे पिछले 42 दिन से ज्यादा समय से धरने पर बैठे हैं. वो चौबीसों घंटे यहां धरने पर बैठे रहते हैं. उनकी मांग है कि केंद्र सरकार सीएए को वापस ले. दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से आम जनता की परेशानियों को समझते हुए धरना खत्म कर लेने की मांग कर रही है.
