वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान कहा कि देश भर के बिजली उपभोक्ता अगले तीन साल में ट्रेडिशनल बिजली मीटरों को स्मार्ट मीटर्स से बदल दिया जाएगा. इसमें कंज्यूमर को अपनी जरूरत और इच्छा के मुताबिक बिजली आपूतिकर्ता कंपनी के साथ ही भुगतान दरों को चुनने की आजादी मिलेगी.
नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( ने बजट 2020 की घोषणाएं करते हुए शनिवार को भविष्य की योजनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जल्द ही देश भर में पारंपरिक बिजली मीटर के बजाय हर घर में प्रीपेड स्मार्ट मीटर ही लगाए जाएंगे.
उन्होंने कहा कि सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश अगले तीन साल के भीतर स्मार्ट मीटर (Smart Meters) लगा लें. स्मार्ट मीटर के जरिये उपभोक्ता को अपनी जरूरत के मुताबिक बिजली आपूर्तिकर्ता कंपनी और दरों का चुनाव करने की आजादी होगी.
'सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश 3 साल में बदलें पुराने बिजली मीटर'
वित्त मंत्री ने बजट में 22 हजार करोड़ रुपये ऊर्जा क्षेत्र (Pow को दिए हैं. इस योजना के तहत पुराने मीटरों को धीरे-धीरे हटाया जाएगा. योजना का ऐलान करते हुए सीतारमण ने कहा कि मैं सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों से अगले 3 साल में पुराने पारंपरिक बिजली मीटर बदलकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगवाने का आग्रह करती हूं. उन्होंने बताया कि इससे उपभोक्ता अपनी सुविधा के हिसाब से कंपनी और रेट चुन सकती है. यह सबको बिजली देने की दिशा में अहम कदम है. डिस्कॉम में बदलाव के लिए 22,000 करोड़ रुपये बिजली व अक्षय ऊर्जा के लिए प्रस्तावित किए जा रहे हैं.
मीटर रिचार्ज कराने के बाद ही बिजली का इस्तेमाल कर सकेंगे उपभोक्ता
केंद्र सरकार प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर काफी समय काम कर रही है. सरकार ने साल 2018 में भी ऐसी मंशा जाहिर की थी. सरकार ने 2022 तक सभी मीटरों को बदलने का लक्ष्य रखा है. प्रीपेड सुविधा के तहत उपभोक्ता को भुगतान पहले करना होगा. पारंपरिक मीटर व्यवस्था में पहले बिजली का इस्तेमाल किया जाता है. इसके बाद उपभोक्ता बिल का भुगतान करता हे. प्रीपेड में उपभोक्ता मीटर रिचार्ज कराने के बाद ही बिजली का इस्तेमाल कर सकेगा. उत्तर प्रदेश और दिल्ली में पहले से ही ये व्यवस्थ लागू कर दी गई है.
