शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में कई हफ्तों से CAA और NRC के खिलाफ धरना प्रदर्शन चल रहा है. इसके कारण आवाजाही ठप है.
नई दिल्ली.देश की राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में सीएए (CAA) के विरोध में कई हफ्तों से धरना चल रहा है. प्रदर्शनकारियों के बीच सड़क पर बैठने से यह रास्ता कई दिनों से बंद है. अब इस धरने के खिलाफ लोग सड़क पर उतर आए हैं. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि शाहीन बाग का रास्ता खोला जाए. शाहीन बाग के विरोध में प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है. मौके पर डीसीपी चिन्मय बिस्वास खुद मौजूद हैं. बैरिकेड्स की दूसरी तरफ सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले जमा हैं तो दूसरी तरफ शाहीन बाग धरना का विरोध करने वाले आकर डट गए हैं. इससे वहां भारी भीड़ हो गई है और आम लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बताया जा रहा है कि शाहीन बाग में जारी धरने के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन में हिंदू सेना समेत अन्य संगठनों के लोग भी शामिल हैं. बता दें कि गत 29 जनवरी को हिन्दू सेना ने ऐलान कर दिया था कि वो लोग 2 फरवरी को शाहीन बाग को खाली करवाएंगे. संगठन ने इस बाबत एक प्रेस रिलीज जारी कर शाहीन बाग को विरोधियों का अड्डा बताया था. साथ ही उन्होंने कहा कि वहां मौजूद लोग पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं.
लोगों को करना पड़ रहा परेशानी का सामना
हिन्दू सेना की तरफ से जारी की गई प्रेस रिलीज में लिखा था, 'सीएए के बहाने शाहीन बाग रोड जाम कर लाखों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, शाहीन बाग देश विरोधियों का अड्डा बन चुका है. ये धरना पीएफआई के ऑफिस के नीचे चल रहा है और पीएफआई का नाम देश में हिंसा फैलाने में भी सामने आया है. यह संगठन आतंकी संगठन सिमी का दूसरा रूप है.'पाकिस्तान की भाषा बोल रहे लोग
इसके अलावा जारी की गई प्रेस रिलीज में लिखा था कि शाहीन बाग में शामिल होने वाले लोग पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं. भारत को तोड़ने की बात करते हैं और हिंदुओं के खिलाफ जहरीले भाषण दिए जा रहे हैं. हिंदू सेना सभी राष्ट्रवादी संगठनों व आसपास के गांववासियों से अपील करती है कि सभी 2 फरवरी 2020 को 11 बजे शाहीन बाग रेड लाइट सरिता विहार पहुंच कर जिहादियों से रोड खाली कराएं.'
धरना खत्म कर लेने की मांग
बता दें कि शाहीन बाग में महिलाएं और बच्चे पिछले 50 दिन से ज्यादा समय से धरने पर बैठे हैं. वो चौबीसों घंटे यहां धरने पर बैठे रहते हैं. उनकी मांग है कि केंद्र सरकार सीएए को वापस ले. दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से आम जनता की परेशानियों को समझते हुए धरना खत्म कर लेने की मांग कर रही है.
