गोहद में इन गरीबों के घरों को उजाडकर बेघरवार कर दिया गया है।
ये भूमाफिया नहीं थे।
ये प्रधानमंत्री आवास प्रात गरीब है।
छै माह पहले अतिक्रमण हटाने के आदेश थे तो फिर शासन व प्रशासन ने पहले अन्यत्र बसाने की कार्यवाही क्यों नहीं की?
ये दमनकारी कार्यवाही है।
गरीबों को मत मिटाओं।
