ग्राम मामचौन के जगन्नाथ प्रसाद धाकड़, रामनिवास एवं लखपति ने अपने शब्दों में मुस्कराते हुये कहा कि प्रदेश सरकार ने गौशाला का निर्माण किया। अब हमाये आसपास के 15 गांवों की फसल आवारा गौवंश से सुरक्षित बच सकेगी।
ग्राम मामचौन के जगन्नाथ प्रसाद धाकड़, रामनिवास एवं लखपति ने कहा कि हमाये लिये बहुत बड़ी खुशी की बात है कि प्रदेश सरकार ने हम किसान लोंगो की सुनी, नहीं तो हमाये बुजुर्ग लोंगो को खेतो पर चारपाई ड़ालकर रात गुजारनी पड़ती थी। ग्राम मामचौन के जगन्नाथ प्रसाद धाकड़ ने बताया कि विगत 10-12 साल से आवारा गौवंश दिनों दिन बढ़ता जा रहा था। जिसके कारण हमाये आसपास के करीबन 15 गांव की सैकड़ों बीघा जमीन आवारा गौवंश के कारण नष्ट हो जाती थी। जो कृषक पैसे में धनी थे, वे लोग तो तार फैसिंग, मुड्डियां या झांकर की बार लगाकर फसल को बचा लेते थे, किन्तु हम जैसे लघु एवं मध्यम वर्गीय किसान अपनी फसल को बचाने के लिये परिवार के बुजुर्ग को चारपाई डालकर फसल की रखवाली के लिये सुलाते थे। कभी-कभी तो बरसात के समय पानी गिरने के कारण हमाये बुजुर्ग लोग पानी में भींगते ही रात खेतों पर गुजारते थे। हमाये मन में एक चिन्ता सताती थी कि आखिर आवारा गौवंश के लिये कोई उपाय होना चाहिये। किन्तु हम कृषक कोई कठोर निर्णय नहीं ले पाते थे, क्योंकि इतनी राशि हमाये पास नहीं थी कि हम ग्रामीण जन सभी मिलकर एक गौशाला का निर्माण कर सके। प्रदेश सरकार ने सत्ता संभालते ही सबसे पहले गौशाला बनाने का निर्णय लिया, तब हम कृषक लोंगो के मन में बेहतर खुशी हुई और कहने लगे कि कुछ समय बाद गौशाला का निर्माण होगा। जिसमें हमारा गांव भी शामिल हो सकता है। जिला प्रशासन द्वारा गौशाला निर्माण कार्य में शीघ्रता दिखाई, कुछ समय बाद ही गौशाला का निर्माण हुआ। जिसको मुरैना जिले के प्रभारी मंत्री द्वारा लोकार्पित किया गया। गौशाला के निर्माण होने से मामचौन पंचायत के आसपास की करीबन 15 पंचायतों के अन्तर्गत आने वाले करीबन एक सैकड़ा गौवंश रख सकेंगे। आवारा गौवंश के लिये चारा पानी का प्रबंध शासन द्वारा किया गया है। अब हमाये क्षेत्र की सैकड़ो बीघा जमीन सुरक्षित बच सकेगी, अब उसे आवारा गौवंश नष्ट नहीं करेंगे। यह प्रदेश सरकार का हम किसान भाईयों को बड़ी सौगात प्रदान की है।
