वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट से अमेरिकी उद्योग जगत खुश दिखाई दे रहा है. उनका कहना है कि भारत में कारोबार की सुगमता बढ़ेगी और विदेश निवेश को भी रास्ता बेहतर हो सकेगा. हालांकि, उन्हें एक फैसले को लेकर चिंता है.
नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट कारोबार सुगमता को बेहतर बनाएगा तथा अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित करेगा. अमेरिका के उद्योग जगत ने यह प्रतिक्रिया दी है.
सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में 2020-21 का बजट पेश किया. यह उनका दूसरा बजट है. उन्होंने विदेशी निवेशकों, विशेषकर भारतीय अर्थव्यवस्था पर लंबा दाव लगाने को तैयार सरकारी संपत्ति कोषों को कर राहत देने की पेशकश की है.
भारत में निवेश के मौके
अमेरिका-भारत रणनीतिक एवं भागीदारी फोरम के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा, ‘‘आर्थिक वृद्धि में गिरावट के बाद भी भारत में निवेश को लेकर वैश्विक धारणा मजबूत बनी हुई है. इस कारण वैश्विक धारणा को जमीन पर उतारने के लिये बजट एक शानदार अवसर है.’’
वित्त मंत्री की तारीफ
उन्होंने डिजिटल समेत बुनियादी संरचना में निवेश को बढ़ावा देने के उपाय करने के लिये वित्त मंत्री की सराहना की. उन्होंने कहा कि बीमा क्षेत्र में पूंजी की जरूरत है और बजट में इस क्षेत्र को उदार बनाने के अधिक उपाय किये जा सकते थे.
बेहतर रहे सरकार के ये फैसले
अघी ने कहा, ‘‘कारोबार सुगमता के मोर्चे पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के रिटर्न को सरल बनाना, पांच करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले एमएसएमई वर्ग के उद्यमों के लिये ऑडिट की जरूरत समाप्त करना, आधार दिखाते ही पैन कार्ड तुरंत जारी करना, कर रिटर्न अग्रिम दायर करना, अपील में व्यक्तियों की दखल समाप्त करना आदि जैसे उपाय भारत की छवि को बेहतर बनाएंगे. इन सभी कदमों को एक साथ देखने पर पता चलता है कि भारत की कर नीति सही दिशा में आगे बढ़ रही है.'
ई-कॉमर्स के फैसले पर विचार की मांग
उन्होंने ई-वाणिज्य को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिये आकर्षक क्षेत्र बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र के 2021 तक 84 अरब डॉलर पर पहुंच जाने का अनुमान है. उन्होंने सरकार से ई-वाणिज्य पर एक प्रतिशत टीडीएस लगाने के निर्णय पर सरकार से पुनर्विचार करने की मांग की.’’
