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पोषण पुनर्वास केन्द्रों में तंदुरूस्त हो रहे बच्चे

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी. बुनकर द्वारा पोषण पुनर्वास केन्द्र जिला चिकित्सालय, गुना का जायजा लिया एवं वहां भर्ती कुपोषित बच्चों एवं उनकी माताओं से चर्चा की एवं पाया कि पोषण पुनर्वास केन्द्र में जो 5 वर्ष तक के बच्चे भर्ती होते हैं वो उनकी मां यहां से तंदरूस्त होकर जाते हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 में अब तक 410 बच्चे पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती हो चुके हैं एवं पोषण आहार व उपचार प्राप्त कर आज तंदरूस्त हैं।



   डॉ. पी. बुनकर द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुनर्वास केन्द्र 20 बिस्तरीय है। जिसमें प्रति माह अधिकतम 40 बच्चे भर्ती रह सकते हैं। इसमें बच्चों को भर्ती करने के लिए आशा एवं आंगनवाडी, प्रेरक या कोई भी बच्चों को लाकर उनकी निर्धारित मापदंड अनुसार पोषण केन्द्र में जांच कराकर भर्ती करा सकते हैं। भर्ती बच्चों के साथ उनकी मां भी केन्द्र में रहती है। इस केन्द्र में बच्चों को 15 दिवस के लेकर अधिकतम 21 दिन तक भर्ती रखा जाता है। जिसमें बच्चों को दिन में मापदंड अनुसार 2 घंटे के अंदर से डाइट दी जाती है। साथ ही शिशु विशेषज्ञ द्वारा बीमार बच्चों का प्रतिदिन जांच कर उपचार किया जाता है। इसमें बच्चों का न्यूट्रीशन स्तर देखकर पौष्टिक भोजन तैयार किया जाकर दिया जाता है। साथ ही उक्त अवधि में संबंधित बच्चों की मां को भी पौष्टिक भोजन दिया जाता है, चूंकि ज्यादातर कुपोषित बच्चे स्लम एवं पिछडे गरीब क्षेत्र से आते हैं ऐसे में उनकी मां भी ज्यादातार खून की कमी से पीडित होती हैं। उन्हे भी पौष्टिक भोजन के साथ ही आयरन की टेबलेट भी स्वास्थ्य कार्यकर्ता की देखरेख में खिलाई जाती है। इसके साथ ही माताओं को स्वास्थ्य शिक्षा, स्वच्छता आदि की भी जानकारी दी जा रही है। माताओं को भर्ती रहने पर उनको भर्ती अवधि का 120 रूपये प्रतिदिन के मान से भुगतान भी किया जाता है। बच्चों की छुट्टी उपरांत उन्हे 15 दिन के अंतर से 4 बार फॉलोअप हेतु पोषण केन्द्र बुलाया जाता है। जिसमें बच्चों को आचश्यक दवाईयां एवं पौष्टिक पाउडर भी प्रदाय किया जाता है। योजना के अंर्तगत प्रेरक को भर्ती कराने पर 100 रूपये एवं 4 फॉलोअप कराने पर 200 रूपये प्रति फॉलोअप की राशि प्रदान की जाती है।
   पोषण पुनर्वास केन्द्र जिला चिकित्सालय में पृथक से मेडीकल आफीसर तैनात है साथ ही फीडिंग डोमेस्ट्रेटर, एएनएम एवं अन्य केयर टेकर स्टाफ भी तैनात है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.बुनकर द्वारा बताया गया कि इसी प्रकार के पोषण पुनर्वास केन्द्र सीएचसी, बमौरी, म्याना, राधौगढ, बीनागंज में भी संचालित हैं जहां कुपोषित बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं।
   पोषण पुनर्वास केन्द्र के निरीक्षण के दौरान एपिडिमियोलॉजिस्ट श्री सत्येन्द्र रघुवंशी, प्रभारी पोषण पुनर्वास केन्द्र डॉ दामिनी मिश्रा, एफडी क्लेरिस दयाल, श्री देवकीनंदन शर्मा एवं स्टाफ व परिजन उपस्थित थे।


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