RBI की 4 से 6 फरवरी तक चली बैठक के बाद ब्याज दरों पर फैसला आ गया है. बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया गया है.
नई दिल्ली. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की 4 से 6 फरवरी तक चली बैठक के बाद ब्याज दरों पर फैसला आ गया है. बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला हुआ है. MPC के सभी 6 सदस्यों ने ब्याज दरें नहीं बदलने के पक्ष में मत दिया है. आरबीआई ने रेपो रेट को 5.15 फीसदी पर बरकरार रखा था. वहीं, रिवर्स रेपो रेट 4.90 फीसदी पर बरकरार है. रिजर्व बैंक ने CRR 4 फीसदी और SLR 18.5 फीसदी पर बनाए रखा है. RBI ने इससे पहले लगातार 5 बार ब्याज दरों में कटौती की थी. आरबीआई का फैसला ऐसे समय आया है, जब बजट पेश हो चुका है. वहीं, देश की जीडीपी ग्रोथ 6 साल के निचले स्तर पर है. साथ ही, महंगाई दर दिसंबर 2019 में बढ़कर 7.35 फीसदी हो गई है.
ये 6 लोग ब्याज दरों पर फैसला लेते हैं-
RBI के 6 MPC सदस्यों में चेतन घाटे, पमी दुआ,- रविंद्रन ढोलकिया,- जनक राज,- माइकल देबब्रत पात्रा -और RBI -गवर्नर शक्तिकांत दास हैं.
रियल एस्टेट के लिए बड़ा ऐलान- कॉमर्शियल रियल्टी लोन लेने वालों के लिए बड़ा फैसला किया गया है. उचित कारणों से देरी पर लोन डाउनग्रेड नहीं होगा. आसान शब्दों में कहें तो अगर कोई डेवलपर किसी वजह से बैंकों का कर्ज़ दिए समय पर नहीं चुका पाता है तो उसे एक साल तक एनपीए घोषित नहीं किया जाएगा. एक्सपर्ट्स का कहना हैं कि ये कदम रियल्टी सेक्टर के लिए काफी राहत भरा है. इससे कंपनियों को राहत मिलेगी.
RBI का GDP ग्रोथ अनुमान- एक अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2020-21 के लिए RBI ने जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6 फीसदी तय किया है. वहीं, अगले वित्त वर्ष के पहले छह महीने में GDP ग्रोथ 5.5 फीसदी से 6 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है. जबकि, वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में ग्रोथ 6.2 फीसदी रहने का अनुमान है.
RBI को महंगाई दर कंट्रोल में आने की उम्मीद- पॉलिसी में MPC ने माना किया कि महंगाई दर दिसंबर 2019 में तय टारगेट से ऊपर निकल गई है. इसकी सबसे बड़ी वजह प्याज की कीमतों में तेजी है. MPC ने कहा कि आने वाले हफ्तो में प्याज के दाम घट सकते हैं क्योंकि सप्लाई बढ़ी है.
