परिजनों ने बताया कि शाहीन बाग प्रोटेस्ट के कारण कपिल गुज्जर को दिल्ली आने में 10 किलोमीटर की जगह 35 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही थी.
दिल्ली के शाहीन बाग प्रदर्शन स्थल पर शनिवार को फायरिंग करने वाले युवक कपिल गुज्जर के परिवार के सदस्यों ने कहा है कि वह कट्टरपंथी नहीं है
. परिजनों ने बताया कि कपिल एक सामान्य लड़का है और वह वहां प्रदर्शन के चलते सड़क बंद रहने को लेकर परेशान था. शाहीन बाग प्रोटेस्ट के कारण उसे दिल्ली आने में 10 किलोमीटर की जगह 35 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही थी और वह इस ठंड के मौसम में रोज रात को एक बजे घर पहुंचता था.
कपिल ने संशोधित नागरिकता कानून (Amended Citizenship Act) के विरोध का केंद्र बने शाहीन बाग में प्रदर्शन स्थल पर हवा में दो गोलियां चलाईं थीं. वह दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित दल्लूपुरा गांव में डेयरी का धंधा करता है. शाहीन बाग में सीएए विरोधी प्रदर्शन के चलते दक्षिण दिल्ली को शाहीन बाग से जोड़ने वाला एक मुख्य मार्ग एक महीने से भी अधिक समय से बाधित है.
प्रोटेस्ट के कारण वह रात को 1 बजे घर पहुंचता था
गोली चलाने के आरोपी कपिल के चाचा फतेह सिंह ने कहा, ‘सामान्य दिनों में बदरपुर डेयरी पहुंचने में दो घंटे लगते हैं. उसे 10 किलोमीटर सफर करना पड़ता था, लेकिन प्रदर्शन के चलते उसे 35 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती थी और वह एक बजे रात को घर पहुंचता था.’ उन्होंने कहा, ‘वह इससे आजिज आ गया था, लेकिन इतना भी नहीं कि वह कुछ ऐसा कर जाता.’
रिपोर्टर बनना चाहता था कपिल
फतेह सिंह ने कहा कि इस परिवार का दल्लूपुरा में एक छोटी और बदरपुर में एक बड़ी डेयरी है और कालिंदीकुंज में रोड नंबर 13 के बंद रहने से धंधा प्रभावित हो रहा था. परिवार के सदस्यों ने बताया कि कपिल रिपोर्टर बनना चाहता था, लेकिन उसने बीच में ही कॉलेज की पढ़ाई छोड़ दी और डेयरी के धंधे में लग गया. उन्होंने बताया कि वसंधुरा के एक स्थानीय स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने दिल्ली के आईएमएस कॉलेज में मीडिया कोर्स के लिए दाखिला लिया था.
