Type Here to Get Search Results !

सतना -- आईसीडीपी के जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक संपन्न



 

    एकीकृत सहकारी विकास परियोजना के जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सुश्री ऋजु वाफना मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जी.पी. सोनकुसरे उपायुक्त सहकारिता, राजेश रैकवार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी बैंक (पीआईए) मोहितलाल महाप्रबंधक आईसीडीपी, डॉ.राजेश मिश्रा उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग, आनंद पाण्डेय जिला विपणन अधिकारी, आर एस बागरी सहायक संचालक कृषि विकास विभाग, ओ पी पयासी प्रभारी दुग्ध शीत केन्द्र, एमए सिद्दीकी बीज संघ, ए.के श्रीवास्तव मत्स्य विभाग तथा देवराज सिंह विकास अधिकारी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
    बैठक में परियोजना के क्रियाकलापों पर चर्चा की गई। परियोजना द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन अनुसार जिले में यह परियोजना पांच वर्षों के लिये 1 जुलाई 2016 से 30 जून 2021 तक संचालित है। परियोजना द्वारा जिला सहकारी बैंक, पैक्स सहकारी समितियों, विपणन सहकारी समितियों, दुग्ध सहकारी समितियों, बीज सहकारी समितियों, महिला बहु. सहकारी समितियों, औद्योगिक सहकारी समिति, पर्यटन सहकारी समिति तथा मत्स्य सहकारी समितियों को पात्रतानुसार अधोसंरचना विकास एवं कार्य व्यापार में वृद्धि के लिए 8 वर्षों में वापसी योग्य ऋण अंशपूजी एवं अनुदान के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। अभी तक परियोजना को 1487.760 लाख का आवंटन प्राप्त हुआ था जिसके विरूद्ध परियोजना द्वारा आवंटित राशि में से अभी तक 47 पैक्स समितियों को    626.500 लाख 5 विपणन समितियों को 44.600 लाख, 1 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सतना को  230 लाख,   5 मत्स्य समितियों को  10,580 लाख, 16 दुग्ध समितियों को  6,360 लाख, 3 महिला बहुउददेशीय समितियों को 20,950 लाख, 1 औद्योगिक समिति को रू. 1.600 लाख, 6 बीज समितियों को  9,800 लाख, पी.आई.टी मद में    78, 801 लाख एवं ऋण ब्याज अदायगी में 149.118 लाख सहित कुल 1178.099 लाख रूपये राशि की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है।
    परियोजना द्वारा जानकारी दी गई कि बैंक से सेफ एवं कैश कांउटर, पैक्स समितियों से 100 एम.टी.गोदाम, फर्नीचर एवं कम्प्यूटर, विपणन समितियों से गोदाम, फर्नीचर, तौल कांटे एवं कम्प्यूटर, दुग्ध समितियों से वीएमसी मशीन तथा महिला बहु समितियों से मार्जिन मनी की मांग नही होने से राशि का उपयोग नहीं हो पा रहा है साथ ही पैक्स समितियों मे 200 एम टी गोदाम, धर्मकांटा, प्रोसेसिंग यूनिट, दुग्ध समितियो मे दुग्ध कलेक्सन केन्द्र, एनलाइजर मशीन, मत्स्य समितियों से स्वचलित नाव बीज समितियों में 200 एम.टी.गोदाम और ग्रेडिग प्लांट तथा औद्योगिक समिति मे छोटे भारवाहन की मांग है। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुश्री बाफना द्वारा परियोजना को निर्देश दियें गये कि सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर आवश्यक्तानुसार पुर्नसंरचना परियोजना के नियमानुसार कार्यवाही की जाये। परियोजना के कार्य में आने वाली रूकावटें जैसे- सहकारी संस्थाओं के भवन और उनके स्वामित्व की जमीन राजस्व अभिलेख मे दर्ज न होना, संस्थाओं से प्रस्ताव प्राप्त न होना परियोजना में कर्मचारियों वाहन आदि के संबंध मे कहा गया कि राजस्व अभिलेखों में जहां भी संस्थाओं के नाम दर्ज नही हों तथा जहां के जमीन आवंटन की कार्यवाही लंबित हो उसे जानकारी में लाया जाकर पूर्ण कराया जाये। उन्होनें कहा कि कर्मचारियों की व्यवस्था एम.पी.कान से एवं वाहन की व्यवस्था आवश्यक्तानुसार एवं नियमानुसार पूरी की जाये तथा जिन संस्थाओं को राशि प्रदान की गयी है उनसे उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाये। परियोजना द्वारा महिलाओं के साथ उपयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाकर उन्हें सहकारिता से जोड़ने का प्रयास किया जाये। सुश्री वाफना ने सभी विभागों के उपस्थित अधिकारियों को परियोजना के साथ होने वाली अड़चनों को दूर करने में सहयोग करने के लिये निर्देश दिए।



Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.