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अधिकारी फसल नुकसान और क्षति पूर्ति के लिये वास्तविक स्थिति का आंकलन करें

संभागायुक्त श्री कियावत ने दिये कृषि विभाग की बैठक में दिये निर्देश













फसलों को हुये नुकसान और उसकी क्षति पूर्ति के लिये सभी जिला अधिकारी भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का आंकलन करें ताकि समय पर फसलों को हुये नुकसान का मुआवजा किसानों को दिलाया जा सके। यह निर्देश संभागायुक्त श्री कवीन्द्र कियावत ने संभागायुक्त कार्यालय सभा कक्ष में संपन्न हुई कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में भोपाल संभाग के सभी कृषि अधिकारियों को दिये। बैठक में संभागीय संयुक्त संचालक श्री बीएल बिलैया उपस्थित थे। 

 

श्री कियावत ने बैठक में निर्देश दिये कि रायसेन और सीहोर जिले में चने की राशि का भुगतान किसानों को शीघ्र सुनिश्चित कराएं और लंबित फसल राशि के प्रकरणों को निराकृत करें। उन्होंने कहा कि किसानों को आय के संसाधनों से जोड़ा जायें इसके लिये किसानों में आत्म विश्वास जागृत करें। संभागायुक्त ने सभी जिलों में खाद, बीज अमानक स्तर पर पाये जाने पर संबंधित फर्म और संस्था पर कार्यवाही नहीं होने पर असंतोष जाहिर किया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि अमानक बीज पाये जाने पर फर्म और संस्था को ब्लेक लिस्टेड किया जाये। उन्होंने सभी जिलों में खाद, बीज और दवाईयों के लंबित सैम्पलों को 23 सितम्बर तक संपूर्ण जाँच कराने के निर्देश दिये। 

 

संभागायुक्त श्री कियावत ने कहा कि संभाग के सभी कृषकों का प्रधानमंत्री फसल बीमा शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराया गया है। उन्होंने कहा कि सभी जिला अधिकारी रबी फसल की पर्याप्त तैयारियां पूर्व से ही कर लें इस बार खेतों में नमी होने से चने का रकबा बढ़ेगा जिससे किसानों को और अधिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में इस वर्ष बारिश से सभी सिंचाई के संसाधन उपयुक्त मात्रा में प्राप्त है। इससे सिंचाई क्षमताओं का अधिक लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि सिंचाई के संसाधनों को कृषि आधारित फसलों में उपयुक्त मात्रा में उपयोग में लाएं। 

 

समीक्षा के दौरान बैठक में श्री कियावत ने सीएम हेल्पलाईन, फसल बीमा राशि से संबंधित प्रकरणों को शीघ्र निराकृत करनें और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का विस्तार करने के निर्देश भी दिये। 

 

 "खाद, यूरिया की पूर्ति सुनिश्चित करें" 

 

  श्री कियावत ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी जिलों में खाद और यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित करें। यूरिया और खाद का भंडारण शत-प्रतिशत हो। आगामी रबी सीजन के लिये सभी को-ऑपरेटिव सोसायटियों के जिला अधिकारी यूरिया और खाद के भंडारण के लिये एडवांस लिफ्टिंग कराये ताकि समय रहते भंडारण हो सके। 

 

 "दवाई,  खाद-बीज के नमूने लें" 

 "अमानक पाये जाने पर संबंधित फर्म पर एफआईआर दर्ज कराएं" 

 

कमिश्रनर श्री कियावत ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि दवाई, खाद, बीज के जाँच, परीक्षण उपरांत अमानक पाये जाने पर संबंधित फर्म अथवा संस्था पर एफआईआर दर्ज करें और संस्थाओं को ब्लेक लिस्टेड की कार्यवाही भी करें। खाद, बीज की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। श्री कियावत ने कहा कि सोयाबीन फसल को प्राकृतिक आपदा से जो क्षति हुई है इसके लिये सहकारी संस्था और एनएसई से प्राप्त खाद, बीज को प्रयोगशाला में परीक्षण करायें ताकि इसकी वस्तु स्थिति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने निर्देशित किया कि जिलों में समितियों, संस्थाओं से प्राप्त अमानक बीज और खाद विक्रय करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करते हुये संस्था का लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से निरस्त किये जायें।




 


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