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सरकारी दखल से बचाकर आवास योजना को बनाया इंद्रधनुषी : प्रधानमंत्री श्री मोदी

मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के शानदार क्रियान्वयन का साक्षी बना पूरा देश
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को 1 लाख 75 हजार आवासों के गृह प्रवेशम् पर दी बधाई


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने "गृह प्रवेशम्" का शुभारंभ कर आज मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के पौने दो लाख हितग्राहियों को गृह प्रवेश करवाया। ऑन लाइन गृह प्रवेश कार्यक्रम के माध्यम से मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के शानदार क्रियान्वयन का साक्षी आज पूरा देश बना। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना को अनावश्यक सरकारी दखल से बचाकर इन्द्रधनुषी स्वरूप दिया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि योजना में लाभान्वित हितग्राहियों के लिए इस वर्ष त्योहारों की खुशियाँ ज्यादा होंगी। आपके जीवन की इतनी बड़ी खुशी में शामिल होने मैं स्वयं प्रत्यक्ष आता, लेकिन कोरोना ने विवश कर दिया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने धार जिले के श्री गुलाब सिंह आदिवासी, सिंगरौली जिले के श्री प्यारेलाल यादव और ग्वालियर के श्री नरेन्द्र नामदेव से बातचीत की।








प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आवास योजना में आमतौर पर एक मकान के निर्माण में 125 दिन लगते हैं। मध्यप्रदेश में बहुत से मकान सिर्फ 45 से 60 दिन में बन गए। मध्यप्रदेश में जिस गति से यह कार्य हुआ है, वह अपने आप में एक रिकार्ड है। मध्यप्रदेश में 1.75 लाख आवासों का निर्माण एक बड़ी उपलब्धि है। यह गति रही तो वर्ष 2022 तक देश के हर परिवार को घर देने के लक्ष्य को प्राप्त करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। मध्यप्रदेश का इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।

इस मौके पर मुरैना से कार्यक्रम में वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वागत किया। वर्चुअल कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया, केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हुए। मध्यप्रदेश के आवास पाने वाले हितग्राहियों से प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आत्मीयता पूर्वक बातचीत भी की। भोपाल में मंत्रालय से वीसी द्वारा मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री मनोज श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का संचालन किया।


मकान बनाने का वार्षिक लक्ष्य पूरा, अब तक बने 17 लाख : मुख्यमंत्री श्री चौहान









मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज मध्यप्रदेश के 1.75 लाख लोग आनंद के माहौल में हैं, जिन्हें आवास मिले हैं। प्रदेश में उत्सव का माहौल है। इसके साथ ही अन्य लोग जिनके पास अपना मकान नहीं है, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। हितग्राहियों को योजना में चार किश्तों मे 654 करोड़ की राशि प्रदान की गई। इस वर्ष प्रदेश के वार्षिक लक्ष्य पूर्ण करते हुए 6 लाख मकान बन गए हैं। प्रदेश में 20 लाख के लक्ष्य के मुकाबले योजना के अंतर्गत 17 लाख आवास बनाए जा चुके हैं। मकान के साथ ही एक रूपये किलो की कीमत पर अनाज देने का कार्य भी किया जा रहा है।



मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाने वाले प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वागत है। हर गरीब का सपना होता है कि उसका अपना घर हो। मध्यप्रदेश के ऐसे 37 लाख लोग जिनके पास पात्रता पर्ची नहीं थी, वे अब अनाज प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गृह प्रवेशम् कार्यक्रम 16 हजार 440 ग्राम पंचायतों के 26 हजार 548 ग्रामों में मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम से जुड़ने के लिए 1 करोड़ 24 लाख 92 हजार 394 लोगों ने प्री-रजिस्ट्रेशन करवाया जो योजना के प्रति जनता के उत्साह का प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के देश की 75वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर हर व्यक्ति के अपने पक्के मकान का संकल्प को पूरा करने में मध्यप्रदेश पीछे नहीं रहेगा।


प्रधानमंत्री ने सराहा हल्मा पद्धति से बना घर









50 हजार राजमिस्त्री और 9 हजार रानी मिस्त्री हुईं प्रशिक्षित


प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश में ग्रामीण बहनों के जीवन को बदलने में भी यह आवास योजना महत्वपूर्ण है, जहाँ आवास योजना में बने आवासों की रजिस्ट्री महिला के नाम से या संयुक्त नाम से हो रही है। योजना के तहत महिलाओं के लिए काम के नए अवसर बने हैं। वहीं महिला मिस्त्री के प्रशिक्षण के लिये अनूठी पहल हुई है। रानी मिस्त्री या महिला राजमिस्त्री के रूप में महिलाएँ आत्मनिर्भरता के रास्ते पर आगे बढ़ी हैं। अकेले मध्यप्रदेश में 50 हजार से ज्यादा राज मिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया गया, जिनमें से 9000 रानी मिस्त्री हैं। इससे महिलाओं की आय और आत्मविश्वास, दोनों में वृद्धि हो रही है यह कोशिश हमारे आत्मनिर्भर भारत निर्माण के संकल्प को मजबूती देगी।



प्रधानमंत्री श्री मोदी ने धार जिले के गुलाब सिंह आदिवासी से स्थानीय बोली में संवाद आरंभ किया। उन्होंने हितग्राही श्री गुलाब सिंह की अच्छा घर बनाने के लिए तारीफ की। प्रधानमंत्री ने वयोवृद्ध श्री गुलाब सिंह की स्वास्थ्य की जानकारी ली, तो गुलाब सिंह ने कहा कि मेरा कुछ दिन से स्वास्थ्य ठीक नहीं है। अत: मेरी ओर से मेरा बेटा बात करेगा। श्री गुलाब सिंह के सुपुत्र श्री मेरु ने बताया कि अंचल में प्रचलित हल्मा परंपरा से उन्होंने आवास निर्माण किया है। इसमें गांव के लोग मिलकर मकान बनाने का काम करते हैं और जिसका मकान बन रहा होता है, वह सबको भोजन कराता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस परंपरा की प्रशंसा करते हुए कहा कि शासकीय पहल और सामाजिक सहयोग की यह अनोखी मिसाल है। इसमें गांव के सभी लोगों की दक्षता का उपयोग होता है। यह जीवन को सरल बनाने का व्यवाहरिक उपाय है। सरकार भी गरीबों के सपने पूरे करने के लिए इस पद्धति पर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने श्री गुलाब सिंह के आवास पर हुई चित्रकारी की प्रशंसा की। गुलाब सिंह ने बताया कि यह मांडना है जिसे इस अंचल में घर की साज-सज्जा के लिए बनाया जाता है।


प्रधानमंत्री ने पूछा- कहीं लेनदेन तो नहीं करना पड़ा


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सिंगरौली जिले के बेढ़न के ग्राम पंचायत गडेरिया के श्री प्यारेलाल यादव से भी बातचीत की। प्रधानमंत्री ने श्री यादव से पूछा की गृह प्रवेश के मौके पर खाने में क्या बना है। प्रधानमंत्री ने यह भी पूछा की आवास बनाने में कोई परेशानी तो नहीं आई। कहीं लेनदेन तो नहीं करना पड़ा, बैंक के कितने चक्कर काटे, इस पर श्री यादव ने बताया कि बिना चक्कर काटे समय पर किश्त हमारे खाते में आती रही और मकान बनाने के लिए जरूरी तकनीकी मार्गदर्शन भी मिलता रहा। श्री यादव ने प्रधानमंत्री को बताया कि उन्होंने अपना घर फ्लायी एश (राखड़) की ईटों से बनाया है। यह किफायती भी रहा और सामान्य ईंट की तुलना में अधिक मजबूत भी है। प्रधानमंत्री ने इस नवाचार की प्रशंसा की और श्री यादव से उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की जानकारी भी ली।


कच्चे मकान में सर्पदंश से हुई थी बेटे की मौत, पक्के मकान ने दी प्रसन्नता


प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ग्वालियर जिले के योजना के हितग्राही श्री नरेन्द्र नामदेव से भी बातचीत की। श्री नरेन्द्र नामदेव ने बताया कि कच्चे मकान में उनके बेटे की सांप काटने से असमायिक मृत्यु हो गई थी। वो दु:ख बहुत बड़ा था लेकिन आज बहुत खुशी मिल रही है। मैं गांव के बच्चों के लिए गणवेश तैयार करता हूँ मेरी पत्नी भी सिलाई करती है हम लोगों ने जिला पंचायत के माध्यम से 8 दिन का सिलाई प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने श्री नरेंद्र को कहा कि आपको चश्मा लगा है इससे मुझे ध्यान आया कि मेरी दादी कहती थी आँखों की कसरत के लिए सुई-धागे का उपयोग करना चाहिए। आप सिलाई कार्य करते हैं जिससे यह कार्य अपने आप हो जाता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने श्री नरेन्द्र नामदेव के मकान को देखकर पूछा कि दीवारों पर किए गए रंग का चयन किसने किया है? श्री नामदेव ने बताया कि पत्नी अनिता ने यह रंग चुना। नामदेव दंपति ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को घर आने का आमंत्रण भी दिया, जिसके उत्तर में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि वे जरूर आएंगे।


गरीब के आत्मनिर्भर होने से निकलेगा, आत्मनिर्भर भारत का रास्ता


प्रधानमंत्री श्री मोदी ने हितग्राहियों से बातचीत के बाद उन्हें बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज से इन सभी हितग्राहियों का नया जीवन प्रारंभ हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सिर्फ मकान नहीं आत्मविश्वास भी देती है। आपदा को अवसर में बदला गया है। यह जनता को विश्वास देने वाला कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज का दिन करोड़ों लोगों को भरोसा दिलवाता है कि योजनाएं सही ढंग से लागू होती हैं। ये घर आपके बेहतर भविष्य का आधार होगा, आप सभी नए जीवन की शुरुआत कीजिए। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने हितग्राहियों से कहा अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी सजग रहें। यह सजगता और सक्रियता आपको आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का पथ प्रशस्त करेगी।


पारदर्शिता और सहभागिता आवास योजना की विशेषता


प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि इस योजना की सफलता का आधार है योजना का पारदर्शी होना। पहले भी घर बनते थे, दशकों से योजनाएं लागू हैं। आजादी के बाद से ही आवास बन रहे हैं, लेकिन करोड़ों लोगों को घर देने का लक्ष्य पूर्ण नहीं होता था। अब हितग्राही आवास निर्माण का हिस्सा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आवास के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के लिए शेड भी बन रहे हैं। ग्रामीण सड़कें भी बन रही हैं और अन्य कार्य भी तेजी से हो रहे हैं। शहरी क्षेत्र से ग्रामों में लौटे श्रमिकों को रोजगार भी मिला है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान को गति मिली है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आवास योजना में पहले निर्मित घरों में लोग शिफ्ट नहीं होते थे। पुराने अनुभव देखे गए और नई सोच से योजना लागू की गई। इसे अनावश्यक सरकारी दखल से बचाकर अब पारदर्शी प्रक्रिया से कार्य हो रहा है।


मध्यप्रदेश ने आवास से 27 योजनाओं को जोड़ा


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आवास योजना के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देते हुए 27 अन्य योजनाओं को भी जोड़ा है। जिसके फलस्वरूप प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ गरीब हितग्राही को उज्जवला, उजाला, स्वच्छ शौचालय और आयुष्मान भारत आदि योजनाओं का लाभ भी मिला है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आवास योजना के अच्छे क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई दी।


ऑप्टिकल फायबर की क्रांति


प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि देश में इंटरनेट स्पीड बढ़ाने के प्रयास हुए जिनका लाभ मिल रहा है। ऑप्टिकल फायबर पहुंचने से सेवाएं बेहतर हो रही हैं। देश के 116 जिलों में 19 हजार किलोमीटर का जाल बिछा दिया गया है। मध्यप्रदेश में भी 1300 किलोमीटर का कार्य पूरा हो गया है, जो सराहनीय है। देश के 6 लाख गांव में ऑप्टिकल फायबर बिछाने के लक्ष्य के मुकाबले 2.5 लाख ग्रामों तक यह कार्य पूरा हो गया है। इसे गांव-गांव पहुंचाने के लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है।


कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सावधानियाँ न छोड़ें


प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आव्हान किया कि कोरोना के संक्रमण की समस्या समाप्त नहीं हुई है। हर व्यक्ति को चाहिए कि वो स्वच्छता का पूरा ध्यान रखे। कोरोना संक्रमण को दूर करने की दवाई अर्थात वैक्सीन जब तक नहीं आती तब-तक ढिलाई नहीं होना चाहिए। मास्क का उपयोग करें। परस्पर दो गज की दूरी अवश्य रखें।


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