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राज्यमंत्री श्री परमार ने किया उमंग किशोर हेल्पलाइन की वीडियो फिल्म का विमोचन

 उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों और शिक्षकों को किया सम्मानित--

स्कूल शिक्षा विभाग की 'उमंग किशोर हेल्पलाइन' ने मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कोरोना संकट काल के दौरान विद्यार्थियों को शैक्षणिक कठिनाइयों के साथ-साथ व्यक्तिगत, सामाजिक और मानसिक तनाव को दूर करने में यह हेल्पलाइन मददगार रही है। यह बात स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री इन्दर सिंह परमार ने मंत्रालय में 'उमंग' कौशल शिक्षा कार्यक्रम एवं हेल्पलाइन की प्रथम वर्षगांठ पर निर्मित वीडियो फिल्म के विमोचन के दौरान कही। श्री परमार ने राज्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों को ट्रॉफी और शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया। 

श्री परमार ने कहा उमंग किशोर हेल्पलाइन के पिछले 1 वर्ष के प्रयासों से विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत जीवन में आने वाली अन्य कठिनाइयों से लड़ने में मदद मिली है। यह उन्हें गलत राह पर जाने से और गलत कदम उठाने से रोकने में मदद करेगी। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान देने के लिए विभाग के प्रयास प्रशंसनीय हैं।

उमंग किशोर हेल्पलाइन में राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 5 जिलों को श्री परमार ने ट्रॉफी से सम्मानित किया। इन पांच जिलों में ग्वालियर, होशंगाबाद, रतलाम, छतरपुर और सिवनी शामिल हैं। इसके साथ ही श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 37 शिक्षकों को भी प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।

उमंग किशोर हेल्पलाइन - टोल फ्री नंबर 14425

 आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत ने बताया कि वर्ष 2017 से मध्यप्रदेश में कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम उमंग को प्रारंभ किया गया है। इसी के अंतर्गत राज्य स्तर पर आधुनिक सुविधाओं के साथ भोपाल में एक टेली काउंसलिंग केंद्र स्थापित किया गया है। इसकी शुरुआत पिछले वर्ष 13 जनवरी को एक टोल फ्री नंबर 14425 के साथ की गई थी। इस केंद्र से मध्यप्रदेश के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को योग्य परामर्शदाताओं के माध्यम से टेली काउंसलिंग सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। यह कार्यक्रम स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष एवं बीजीएमएस के सहयोग से पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है।

कोरोना काल में हेल्पलाइन बनी मददगार

कोरोना संकटकाल के दौरान जब प्रदेश के सभी विद्यालय बंद थे, तब ऐसी परिस्थितियों में भी उमंग किशोर हेल्पलाइन सेवाओं को जारी रखा गया था। पिछले 1 वर्ष में इस हेल्पलाइन पर लगभग 67 हज़ार से अधिक कॉल आए हैं। छात्रों द्वारा किए गए कॉल्स में मुख्यत: अकादमिक, कैरियर, किशोरावस्था, कोविड-19 सपोर्ट, मानसिक स्वास्थ्य, रिलेशनशिप, नशे की लत, हिंसा, आत्महत्या, बाल विवाह आदि से संबंधित हैं। राज्य स्तरीय प्रशिक्षित परामर्श दाताओं द्वारा इन सभी को आवश्यक परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उमंग किशोर हेल्पलाइन की टेली काउंसलिंग सेवाएं, प्रत्येक सप्ताह सोमवार से शनिवार तक प्रातः 8 बजे से रात 8 बजे तक नि:शुल्क प्रदान की जा रही हैं। 

इस वेबिनार कार्यक्रम में आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत, अपर संचालक डॉ. कामना आचार्य सहित संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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