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देश की पूरी प्लॉनिंग का आधार है जनगणना

जनगणना को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण हुआ प्रारंभ


 



  देश की जनगणना 2021 को लेकर सोमवार को स्वामी विवेकानंद सभागृह में एसडीएम, तहसीलदार, गणना सहायकों, प्रगणकों व संगणकों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जनगणना कार्यालय भोपाल से आए रजनीश कुमार भार्गव एवं वरिष्ठ पर्यवेक्षण लक्ष्मण मोटवे द्वारा प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में मकानों की सूचीकरण एवं मकानों की गणना मोबाईल एप्प से संबंधित प्रावधान व क्रियाविधि बताई गई। भारतीय जनगणना की इतिहास में यह पहली जनगणना होगी, जिसमें मिश्रिम माध्यमों में मोबाईल एप्प की सहायता से संपादित किया जाएगा। इसके अलावा विस्तृत जनगणना की कार्यविधि के बारे में अवगत कराया गया। भारत की जनगणना के परिचय में गांव, नगर एवं वार्ड स्तर तक के आंकड़ों के लिए प्राथमिक स्त्रोत के एकत्रीकरण के बारे में जानकारी दी गई। दो दिवसीय प्रशिक्षण जिला पंचायत सीईओ श्री डीएस रणदा के मार्गदर्षन में प्रारंभ हुआ। प्रशिक्षण में सभी अनुभागों के एसडीएम उपस्थित रहे।


जनगणना 2021 की विशालता व विविधता

    जनगणना-2021 37 राज्य व केंद्र शासित राज्यों सहित 725 जिलों के 6.5 लाख गांव, 8 हजार नगरों व शहरों, 25 लाख गणना ब्लॉक, 30 लाख प्रगणकों व पर्यवेक्षकों के सहयोग से पूर्ण होगा। जनगणना के दौरान 16 भाषाओं की प्रश्नावलियां व 18 भाषाओं में प्रकाशित अनुदेश पुस्तिकाओं के माध्यम से पूरा किया जाएगा। जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी डॉ. पीएस मालवीय ने बताया कि इस जनगणना में मोबाईल का बड़ा महत्व होगा, जिसकी सहायता से जनगणना के आंकड़े व परिणामों का शीघ्र एवं समय पर प्रकाशन किया जा सकेगा। जनगणना में भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त द्वारा जिला कलेक्टर्स, नगर निगम आयुक्त, एसडीएम, तहसीलदार, राज्य सरकार व स्थानीय निकायों के कर्मी तथा शिक्षकों को नियुक्त किया गया है। जनगणना के प्रथम चरण में मकानों का सूचीकरण व मकानों की गणना 1 मई 2020 से 14 जून 2020 तक की जाएगी। द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना 9 फरवरी से 28 फरवरी 2021 तक की जाएगी। जबकि रिवीजनल राउंड 1 मार्च से 5 मार्च 2021 तक होगा।


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